This page uses Javascript. Your browser either doesn't support Javascript or you have it turned off. To see this page as it is meant to appear please use a Javascript enabled browser. RAMDEV MAHAVIDLAYALAYA,SIRAULI,MEERGANJ,JAUNPUR (U.P.),
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महाविद्यालय का संक्षिप्त इतिहास एवं परिचय

महाविद्यालय का संक्षिप्त इतिहास एवं परिचय

ज्ञान ज्योति का पावन मंदिर, मानवता का हार है |
एकात्मता का निलय सुन्दर, सद्ज्ञान का परिवार है |
महाविद्यालय : एक दृष्टी में
ग्रामीण छात्र/छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रदान कर देश का जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से रामदेव महाविद्यालय, सिरौली, मीरगंज, जौनपुर, की स्थापना प्रायः ऐसी जगहों पर की गयी है जहाँ पहले से महाविद्यालयों का अभाव है। रामदेव महाविद्यालय, सिरौली, मीरगंज, जौनपुर, की स्थापना इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखकर की गयी। खानपुर में स्थित यह संस्थान कई एकड़ के परिसर में विकसित किया गया है।

नकलविहीन और शुचितापूर्ण परीक्षाओं के लिए हम सदैव प्रतिबद्ध रहे हैं। प्राध्यापक अपनी कक्षाओं के प्रति सजग रहे हैं। इस बात का सदैव ख्याल रखा जाता है कि छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार का भेद-भाव न हो। परिसर रैगिंग से पूरी तरह मुक्त है। परिसर को साफ-सुथरा और हरा-भरा रखने में प्राचार्य-प्राध्यापकों की प्रेरणा और कर्मचारियों की मुस्तैदी यहाँ देखी जा सकती है।विभिन्न अवसरों पर छात्राओं की सहायता से स्वच्छता और वृक्षारोपण के कार्यक्रम आयोजित कराए जाते रहे हैं। गाँव की छात्राएँ तेजी से आगे बढ़ रही हैं। वे विभिन्न क्षेत्रों में अपना सम्मानजनक स्थान बना रही हैं। गाँव की छात्र/छात्राओं के आगे बढ़ने में महाविद्यालयों की बहुत बड़ी भूमिका है। न्यूनतम फीस और अधिकतम सुविधा की नीति ने गाँव की छात्र/छात्राओं को निर्बाध तरीके से उच्च शिक्षा हासिल करने में सहायता पहुँचाई है। यह रामदेव महाविद्यालय, सिरौली, मीरगंज, जौनपुर, को हासिल है।महाविद्यालय में पुस्तकालय, वाचनालय एवं बुक बैंक की सुविधा उपलब्ध है | शिक्षणेत्तर कार्यक्रम के अन्तर्गत क्रीड़ा प्रशिक्षण, कार्यक्रम में महाविद्यालय की सक्रिय सहभागिता रहती हैं |

इस महाविद्यालय में उल्लेखनीय सफलता पायी है। छात्राओं के बीच खेलकूद और शिक्षणेतर गतिविधियों की सुदृढ़ परम्परा यहाँ की विशेषता रही है।

प्रबन्धक जी के मन में एक अटूट विश्वास एवं एवं उत्कृष्ट इच्छा थी कि इस ग्रामीण क्षेत्र में महाविद्यालय की स्थापना कर अज्ञानता का जीवन जी रही जनता को इससे मुक्ति दिलायी जाय। आपने उस सपने को साकार करने के लिए शिक्षा की जो मशाल जलाई है वह अनवरत जलती रहेगी। जब तक धरती, आकाश और तारे रहेगें, महाविद्यालय और प्रबन्धक एवं दृढ़ इच्छा वाले अध्यक्ष तथा मंत्री जी का नाम रहेगा। इस संसार में बहुत लोग हैं। परन्तु दृढ़ इच्छा शक्ति को मूर्त रुप देने के लिए विरले होते है। इसी विचार से आपने और आपके अनुजों ने समाज कल्याण और इस पिछड़े क्षेत्र को ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित करने के लिए इस महाविद्यालय की स्थापना की।

वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रामों का आयोजन एवं प्रेरिकी के माध्यम से छात्र-छात्राओं से सम्पर्क तथा महाविद्यालय के विकास के सन्दर्भ में समय-समय पर मूल्यांकन महाविद्यालय की मुख्य विशेषताएं हैं | ग्रामीण एवं पिछड़ें क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के सर्वागीण विकास के लिये यह महाविद्यालय संकल्पित एवं प्रतिबद्ध हैं |